सवाई माधोपुर के लिवाली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के 1,000 रुपये गुम होने के बाद कक्षा 9वीं और 11वीं की छात्राओं के कपड़े उतरवाकर उनकी तलाशी लेने का मामला सामने आया. घटना से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया और ताला लगा दिया. सूचना मिलने पर सीबीईओ प्रतिभा मीणा मौके पर पहुंचीं. प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए शिक्षिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर दिया गया, जबकि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत शिक्षिका वंदना शर्मा की सेवाएं समाप्त कर दी गईं. बताया गया कि 1,000 रुपये गायब होने के बाद छात्राओं की अमानवीय तरीके से तलाशी ली गई. छात्राओं की तलाशी की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंच गए. उन्होंने मुख्य द्वार पर ताला लगाकर करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया. वहीं, शिक्षिका सरस्वती मीणा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि 1,000 रुपये गायब होने पर छात्राओं से केवल पूछताछ की गई थी. उनके अनुसार, कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने की बात पूरी तरह गलत और निराधार है.
अभिभावकों ने स्कूल बंद कर 5 घंटे दिया धरना
घटना से नाराज अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल में ताला लगाकर करीब पांच घंटे तक धरना दिया. मुख्य आरोपी शिक्षिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर उनका मुख्यालय धौलपुर के राजाखेड़ा में निर्धारित किया गया है. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी कार्रवाई की लिखित गारंटी मिलने तक अपनी मांग पर अड़े रहे. वहीं, प्रधानाचार्य मनोज मीणा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आने के बाद संबंधित शिक्षिकाओं को ऐसी किसी भी गतिविधि से सख्ती से दूर रहने के मौखिक निर्देश दिए गए थे. सीबीईओ प्रतिभा मीणा ने कहा कि अभिभावकों और ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर विद्यालय के प्रधानाचार्य समेत अन्य स्टाफ की भूमिका की विस्तृत जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.