राजस्थान सरकार ने एडवेंचर स्पोर्ट्स, प्रशिक्षण और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए डीएडब्ल्यू–राजस्थान इंटिग्रेटेड एडवेंचर इंस्टीट्यूट स्थापित करने की पहल की है। प्रस्तावित संस्थान को राष्ट्रीय स्तर के ग्रीनफील्ड एडवेंचर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना की शुरुआती लागत 218.75 करोड़ रुपए आंकी गई है। हालांकि, अंतिम लागत विस्तृत साइट जांच, तकनीकी डिजाइन, वैधानिक मंजूरियों और वित्तीय मूल्यांकन के बाद तय होगी।
राजस्थान की भौगोलिक विविधता बनेगी एडवेंचर टूरिज्म की ताकत
सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, राजस्थान में रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला, ग्रेनाइट संरचनाएं, झीलें, जलाशय और कई प्रमुख पर्यटन स्थल मौजूद हैं। राज्य की यह भौगोलिक विविधता और खुले क्षेत्रों में एयरो गतिविधियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां इसे सालभर एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्यटन गतिविधियों के लिए उपयुक्त बनाती हैं। प्रस्तावित परियोजना को PPP मॉडल के तहत संचालित किए जाने की योजना है।
युवाओं को अवसर, पर्यटन को नई उड़ान
प्रस्तावित एडवेंचर इंस्टीट्यूट के जरिए युवाओं, महिलाओं और स्थानीय लोगों को एडवेंचर स्पोर्ट्स से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुलने के साथ एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े कारोबार और स्टार्टअप को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। संस्थान की रूपरेखा तैयार करने में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोर्ट्स (NIMAS), दिरांग के मॉडल और अनुभव को अहम आधार माना गया है।
तीन क्षेत्रों में विकसित होंगे खास एडवेंचर नोड
प्रस्तावित एडवेंचर इंस्टीट्यूट को हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित करने की योजना है। इसके तहत एक मुख्य संस्थान परिसर के अलावा तीन अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में विशेष नोड बनाए जाएंगे। एयरो नोड जोधपुर-जैसलमेर, लैंड नोड माउंट आबू-जवाई और एक्वा नोड उदयपुर क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। संबंधित क्षेत्रों की प्राकृतिक और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार यहां अलग-अलग एडवेंचर गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्पोर्ट्स के साथ रेस्क्यू और लीडरशिप ट्रेनिंग पर जोर
संस्थान में एडवेंचर स्पोर्ट्स और प्रतिस्पर्धी खेलों के प्रशिक्षण के साथ आउटडोर लीडरशिप, रेस्क्यू ट्रेनिंग, एडवेंचर मेडिसिन और इंस्ट्रक्टर डेवलपमेंट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अलावा कॉरपोरेट और एग्जीक्यूटिव लीडरशिप प्रोग्राम भी शुरू किए जाने की योजना है। संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के साथ उच्चस्तरीय खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को तैयार करने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।