जयपुर को साफ-सुथरा और खूबसूरत बनाने के लिए नगर निगम ने 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है। 100 करोड़ रुपए के बजट, 150 वार्डों में विकास कार्य, 10 हजार नई LED लाइटें और परकोटे में 2,000 निगमकर्मियों की तैनाती जैसे बड़े कदमों का ऐलान किया गया है। आखिर इस स्पेशल प्लान से गुलाबी नगरी में क्या-क्या बदलने वाला है और कब दिखेगा इसका असर? जानिए नगर निगम की पूरी कार्ययोजना।
100 दिन, 150 वार्ड और 100 करोड़ का प्लान—हर वार्ड को कितना मिलेगा?
जयपुर नगर निगम ने शहर के सभी 150 वार्डों में विकास कार्यों और जनसुविधाओं को गति देने के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना शुरू की है। शुक्रवार को ईसी सभागार में महापौर सुनील कोठारी, उप-महापौर सरोज कंवर और नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश कसेरा की मौजूदगी में योजना का शुभारंभ हुआ। महापौर के अनुसार, प्रत्येक वार्ड में 50 लाख रुपए के विकास कार्य करवाने की घोषणा की गई है। इस हिसाब से 150 वार्डों में कुल 75 करोड़ रुपए के काम होंगे। पार्षदों की अनुशंसा पर विकास कार्य करवाए जाएंगे। वहीं, योजना के लिए कुल 100 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में सड़क, बिजली, पानी और दूसरी मूलभूत सुविधाओं में सुधार पर खास जोर रहेगा।
परकोटे में चलेगा बड़ा सफाई अभियान, 36 बीट में उतरेंगे 2,000 निगमकर्मी
जयपुर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने परकोटे पर विशेष फोकस किया है। 31 अक्टूबर को ऑपरेशन क्लीन स्वीप का दूसरा अभियान चलाने की योजना है। इसके तहत परकोटे को 36 बीट में बांटकर करीब 2,000 निगमकर्मियों को तैनात किया जाएगा। दिवाली को देखते हुए सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए 3,000 अतिरिक्त कर्मचारी भी एक महीने तक दोहरी शिफ्ट में काम करेंगे। इसके अलावा, व्यापार मंडलों का सहयोग भी 11 दिन तक लिया जाएगा। निगम का लक्ष्य कचरा प्रबंधन बेहतर करने और सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था को समान स्तर पर लाना है।
10 हजार नई LED लाइटें और 600 दीवारें होंगी गुलाबी—बदलेगा शहर का लुक?
योजना में जयपुर की सुंदरता और रोशनी बढ़ाने के लिए भी कई कदम शामिल किए गए हैं। शहर में चरणबद्ध तरीके से 10 हजार नई LED लाइटें लगाई जाएंगी। इसमें खाली पड़े बिजली के पोल भी शामिल होंगे, ताकि अंधेरे वाले इलाकों में रोशनी बेहतर की जा सके। वहीं, शहर को गुलाबी रंगत में संवारने के लिए ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान 24 अक्टूबर से शुरू करने की योजना है। इसके तहत 600 दीवारों को गुलाबी रंग से संवारा जाएगा। इसके साथ ही शहर के 500 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां कचरा प्रबंधन और सौंदर्यीकरण पर विशेष काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तैयार हुआ रोडमैप, अब काम पूरा करने की चुनौती
इस 100 दिवसीय कार्ययोजना की नींव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रखी गई थी। बैठक में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के एसीएस अखिल अरोड़ा, एसीएस यूडीएच आलोक गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए थे। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने शहर के विकास, सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर यह रोडमैप तैयार किया। महापौर ने अगले एक साल में जयपुर में बदलाव नजर आने का दावा किया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 100 दिनों में घोषित कार्यों में से कितने काम जमीन पर पूरे हो पाते हैं और आम लोगों को इसका कितना फायदा मिलता है।