CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचने पर एयरपोर्ट से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। इसी बीच, महाराष्ट्र के हिंगोली में उनकी 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई दीपके का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। एक ओर पुलिस की कार्रवाई और दूसरी ओर परिवार में शोक की इस घटना के बाद दीपके की आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा है।
एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और दीपके को एयरपोर्ट से ही हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद उनके परिवार ने पुलिस और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
महाराष्ट्र में दादी के निधन से परिवार में शोक
अभिजीत दीपके के परिवार से दुखद खबर सामने आई है। उनकी 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई दीपके का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के पैतृक गांव संतूक पिंपरी स्थित घर पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इस खबर से परिवार में शोक का माहौल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव रवाना होने की तैयारी कर रहे थे।
हिरासत के दौरान बोले—“मैं गिरफ्तार होने ही आया हूं”
रिपोर्ट के अनुसार, अभिजीत दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। हिरासत में लिए जाने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से कहा कि वह मुंबई से दिल्ली गिरफ्तार होने के लिए ही आए हैं और पुलिस की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 25,000 जवानों की तैनाती, कुछ मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने का उल्लेख है। एहतियातन लोगों को हिरासत में लिए जाने और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध के दावों की आधिकारिक पुष्टि तथा सटीक विवरण अलग से जांचना जरूरी है।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बीच कार्यक्रम प्रभावित हुआ। दीपके की हिरासत और उनकी दादी के निधन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उन्हें आगे क्या कानूनी राहत मिलती है और क्या वह परिवार के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाते हैं। इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।