कर्ज लेकर विदेश कमाने गए राजस्थान के चूरू और झुंझुनूं के युवाओं ने दुबई से वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई है। युवाओं का आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर उन्हें दूसरी कंपनी में काम पर लगा दिया गया, पासपोर्ट ले लिए गए और सुबह 4 बजे से रात 8-9 बजे तक काम कराया जा रहा है। रहने-खाने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। उनका कहना है कि भारत लौटने के लिए करीब 3 हजार दिरहम यानी 80 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। परिवार से कर्ज लेकर विदेश पहुंचे इन युवाओं के सामने अब घर लौटने और गुजारा करने का संकट खड़ा हो गया है।
नौकरी के नाम पर धोखे का आरोप, दूसरी कंपनी में लगाया काम पर
झुंझुनूं के युवाओं मेहबूब अली और मोहम्मद शोहेब अली का आरोप है कि उन्होंने एजेंट सुरेश कुमार को करीब 50-50 हजार रुपए दिए थे। उन्हें MBM कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद ABC सप्लाई कंपनी में काम पर लगा दिया गया। युवाओं का कहना है कि वहां पहुंचते ही उनके पासपोर्ट भी ले लिए गए।
सुबह 4 बजे उठकर रात तक काम, 50 मंजिल चढ़ने-उतरने से बिगड़ रही हालत
युवाओं के मुताबिक, भारत में करीब 8 घंटे की ड्यूटी का वादा किया गया था, लेकिन वहां सुबह 5 से 5:30 बजे काम के लिए निकलना पड़ता है और रात 8-9 बजे तक काम चलता है। एक युवक ने वीडियो में रोते हुए कहा कि 50 मंजिल चढ़ने-उतरने से उसे चक्कर आने लगे हैं और अब उससे काम नहीं हो पा रहा।
खाने-रहने का संकट, भारत लौटने के लिए 80 हजार मांगने का आरोप
युवाओं का कहना है कि उन्हें दो महीने बाद वेतन मिलने की बात कही जा रही है, जबकि उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। उन्होंने रहने की व्यवस्था खराब होने और कमरों से बाहर निकाले जाने की बात भी कही। उनका आरोप है कि भारत वापस जाने की बात करने पर करीब 3 हजार दिरहम यानी 80 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं।
चूरू-झुंझुनूं के 6 युवा हाल में पहुंचे, पहले से 26 अन्य भी फंसे होने का दावा
जानकारी के अनुसार, चूरू और झुंझुनूं के छह लोग 1 से 3 अक्टूबर के बीच दुबई पहुंचे थे। युवाओं का दावा है कि उनके अलावा 26 अन्य लोग भी वहां काफी समय से फंसे हुए हैं। उन्होंने वीडियो के जरिए मदद की गुहार लगाई है। फिलहाल, एजेंट और संबंधित कंपनियों का पक्ष तथा मामले में आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति सामने आना बाकी है।