पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराने के हाईकोर्ट के निर्देशों पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने से नाराज अदालत के समक्ष राज्य सरकार सोमवार को चुनाव का विस्तृत रोडमैप पेश करेगी। इसमें चुनाव कराने की संभावित समय-सीमा के साथ ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में शनिवार को महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्य निर्वाचन आयोग, अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक) आयोग के प्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट को रविवार को अंतिम रूप दिया गया, जिसे सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार हाईकोर्ट में 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच पंचायत और निकाय चुनाव कराने का प्रस्ताव रख सकती है। चुनाव में देरी को लेकर हाल ही में हाईकोर्ट ने सरकार पर नाराजगी जताते हुए अवमानना कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। सोमवार की सुनवाई में सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग को ओबीसी सर्वे, आरक्षण प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम की संभावित समय-सीमा पर अदालत को विस्तृत जानकारी देनी होगी
5 अगस्त तक सरकार को सौंपी जाएगी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट
सरकारी तैयारियों के अनुसार, ओबीसी (राजनीतिक) आयोग 31 जुलाई तक सर्वे पूरा कर 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगा। इसके बाद पंचायती राज और स्वायत्त शासन विभाग करीब 10 दिनों में आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी करेंगे। एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षित वार्डों की सूची राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आयोग 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच पंचायत और निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर सकता है।
मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा की रणनीतिक बैठक
निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच शनिवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा नेताओं की अहम रणनीतिक बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, अरुण चतुर्वेदी, अशोक परनामी समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चुनावी रणनीति और आगामी तैयारियों पर मंथन किया।