मालगाड़ी से टकराई ट्रेन, दो कोच डिरेल होने की बनाई स्थिति
कोटा रेल मंडल में दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर खड़ी मालगाड़ी को पीछे से आ रही बांद्रा-अमृतसर ट्रेन के टक्कर मारने की स्थिति बनाई गई। हादसे के बाद ट्रेन के दो कोच डिरेल होकर मालगाड़ी पर चढ़ गए। घटना की सूचना मिलते ही कोटा जंक्शन पर अलार्म बजाया गया और रेलवे प्रशासन में हलचल शुरू हो गई।
मॉक ड्रिल के तहत दो यात्रियों की मौत और कुछ यात्रियों के कोच में फंसे होने की स्थिति बनाई गई। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य के लिए अलग-अलग एजेंसियों को सक्रिय किया गया।
NDRF समेत कई टीमें मौके पर पहुंचीं, कोच काटकर यात्रियों को निकाला
अलार्म बजने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए NDRF, SDRF, रेलवे, नगर निगम, सिविल डिफेन्स और पुलिस की टीमें एक के बाद एक मौके पर पहुंचीं। टीमों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
मॉक ड्रिल के दौरान फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कोच को काटकर रेस्क्यू किया गया। घायलों को बस के जरिए अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी की गई। वहीं, हादसे की सूचना मिलने के बाद अस्पताल में भी अलर्ट जारी किया गया और इमरजेंसी में बेड खाली करवाकर मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया।
पहले से सूचना नहीं दी गई, एजेंसियों का रिस्पॉन्ड टाइम परखा
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि NDRF और रेलवे की ओर से जॉइंट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की वास्तविक तैयारियों को परखना था।
उन्होंने बताया कि एजेंसियों को पहले से मॉक ड्रिल की सूचना नहीं दी गई, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में उनका रिस्पॉन्ड टाइम और तैयारियों का आकलन किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए यह देखा गया कि हादसे की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीमें कितनी जल्दी मौके पर पहुंचती हैं और राहत-बचाव कार्य कितनी प्रभावी तरीके से शुरू किया जाता है। करीब एक घंटे से मॉक ड्रिल जारी रही।