8वीं पास से अस्पताल के मालिक तक का सफर, फर्जी डिग्री से डॉक्टर बनने का आरोप
राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी मेडिकल डिग्री और रजिस्ट्रेशन के जरिए डॉक्टर बनने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के अनुसार, जालोर जिले के रानीवाड़ा निवासी 45 वर्षीय नानजी राम चौधरी केवल 8वीं पास है। आरोप है कि उसने वर्ष 2014 के आसपास रानीवाड़ा के एक अस्पताल में OPD काउंटर पर मरीजों की पर्चियां काटने का काम शुरू किया था। बाद में वह कपड़े की दुकान पर भी काम करने लगा। वर्ष 2015-16 में उसने उसी अस्पताल को खरीद लिया और उसका नाम बदलकर भास्कर हॉस्पिटल कर दिया। जांच में सामने आया कि अस्पताल को 100 बेड तक बढ़ाया गया और आरोपी कथित तौर पर डॉक्टरों की टीम के साथ मरीजों के ऑपरेशन भी करने लगा।
कानपुर और मुंबई से बनवाए फर्जी सर्टिफिकेट, मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल
SOG की जांच के मुताबिक, नानजी राम ने कथित तौर पर आंध्र प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, कानपुर की रामा यूनिवर्सिटी की MBBS डिग्री और मुंबई के एक कॉलेज से गायनेकोलॉजी एवं ऑब्सेटेट्रिक्स में डिप्लोमा (DGO) के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में डॉक्टर के रूप में पंजीयन कराने का आरोप है। सत्यापन के दौरान उसके DGO डिप्लोमा से जुड़े सर्टिफिकेट, अलॉटमेंट लेटर, पासिंग सर्टिफिकेट और अटेम्प्ट सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए। अब जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित फर्जी रजिस्ट्रेशन हासिल करने में तत्कालीन काउंसिल अधिकारियों और कर्मचारियों की क्या भूमिका थी।
मेडिकल परीक्षा में 6 बार फेल, फिर फर्जी MBBS डिग्री से रजिस्ट्रेशन कराने का आरोप
इस मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी पंकज यादव (30) सीकर का रहने वाला है। SOG के अनुसार, उसने वर्ष 2013 से 2018 के बीच कजाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई की थी। भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन (FMGE) में वह छह बार असफल रहा। इसके बाद उस पर बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज की फर्जी MBBS डिग्री और मार्कशीट के साथ बिहार मेडिकल काउंसिल का कथित फर्जी रजिस्ट्रेशन तैयार करवाने का आरोप है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन हासिल किया गया। संबंधित मेडिकल कॉलेज और बिहार मेडिकल काउंसिल से सत्यापन कराने पर डिग्री, मार्कशीट और रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड सही नहीं पाया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, सात अन्य के खिलाफ FIR; फर्जी रजिस्ट्रेशन निरस्त
SOG ने पंकज यादव को हरियाणा के कैथल और नानजी राम चौधरी को जालोर के रानीवाड़ा से गिरफ्तार किया। इसके अलावा शांतनु कुमार चारण, दीपक चौधरी, देवेन्द्र नेहरा, गीता कुमारी, महेश कुमार गुर्जर, सरीमूल मजूमदार और राम किशोर महावर के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। जयपुर के अशोक नगर थाने में 14 अक्टूबर को राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. गिरिधारी गोपाल की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था, जिसे बाद में SOG को सौंप दिया गया। काउंसिल ने संबंधित फर्जी रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए हैं। अब कथित फर्जीवाड़े में मदद करने वाले तत्कालीन पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह मामला मरीजों की सुरक्षा और डॉक्टरों के पंजीयन की जांच-प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।