राजस्थान के झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के टिकट वितरण ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद उम्मीदवारों के चयन को संभावित जिला प्रमुख की दावेदारी और राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा ने पूर्व सांसदों और विधायकों के परिवारों की महिलाओं सहित संगठन से जुड़े नेताओं के परिजनों को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने भी पूर्व पदाधिकारियों और संगठन से जुड़े चेहरों पर भरोसा जताया है। अब सवाल है कि इन टिकटों के पीछे क्या सियासी गणित है और चुनाव के बाद जिला प्रमुख की कुर्सी तक कौन पहुंचेगा? हालांकि, टिकट मिलने से किसी की दावेदारी तय नहीं होती।
पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दो बहुओं को BJP का टिकट
भाजपा ने पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की पुत्रवधुओं हर्षिनी कुलहरी और अनामिका पूनिया को टिकट दिया है। हर्षिनी कुलहरी वार्ड 5 और अनामिका पूनिया वार्ड 6 से चुनाव मैदान में हैं।
हर्षिनी पहले जिला प्रमुख रह चुकी हैं और वर्तमान में भाजपा जिलाध्यक्ष हैं। एक ही परिवार की दो महिलाओं को टिकट मिलने से पार्टी के फैसले पर चर्चा तेज हो गई है।
नेताओं की बेटियों और पत्नियों पर भी BJP का भरोसा
भाजपा ने सतीश गजराज की पत्नी मीनू गजराज को वार्ड 29 और विश्वम्भर पूनिया की बेटी नेहा को वार्ड 39 से प्रत्याशी बनाया है। वहीं, सूरजगढ़ के पूर्व विधायक सुभाष पूनिया के भाई की पत्नी सविता पूनिया को वार्ड 35 से टिकट मिला है।
इसके अलावा कई अन्य नेताओं के परिजनों को भी उम्मीदवार बनाया गया है।
दीक्षा अहलावत के टिकट ने बढ़ाई सियासी चर्चा
पूर्व सांसद संतोष अहलावत की पुत्रवधू और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की बेटी दीक्षा अहलावत को वार्ड 18 से टिकट दिया गया है।
दो राजनीतिक परिवारों से जुड़ी उनकी उम्मीदवारी को स्थानीय सियासी समीकरणों के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस ने भी पूर्व पदाधिकारियों और उनके परिवारों को दिए टिकट
कांग्रेस ने सुधींद्र मूंड की पत्नी रंजना कुमारी धींवा को वार्ड 20, विनीता रणवां को वार्ड 39 और पूर्व प्रधान सुशीला सीगड़ा को वार्ड 6 से टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस के निवर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष खलील बुढ़ाना को वार्ड 41 से उम्मीदवार बनाया गया है।
जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण अब चुनाव परिणाम के साथ संभावित दावेदारों पर भी नजर रहेगी।