राजस्थान के अजमेर जिले के मुंडोती गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब ड्यूटी से लौटते समय सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कांस्टेबल शंकरलाल टेपन की पार्थिव देह गांव पहुंची। भीलवाड़ा जिले के शंभूगढ़ थाने में तैनात शंकरलाल गुलाबपुरा में रावण दहन कार्यक्रम की ड्यूटी पूरी कर बाइक से लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पीछे छूट गया 5 साल का मासूम बेटा ऋषि और 7 महीने की गर्भवती पत्नी ललिता। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ, लेकिन परिवार का दर्द देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
ड्यूटी पूरी कर लौट रहे थे कांस्टेबल, रास्ते में हुआ दर्दनाक हादसा
कांस्टेबल शंकरलाल टेपन भीलवाड़ा जिले के शंभूगढ़ थाने में तैनात थे। मंगलवार देर रात गुलाबपुरा में रावण दहन कार्यक्रम की ड्यूटी पूरी करने के बाद वह बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि शंकरलाल की मौके पर ही मौत हो गई।
गांव पहुंची पार्थिव देह, अंतिम दर्शन के लिए उमड़े ग्रामीण
बुधवार को जैसे ही शंकरलाल की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव मुंडोती पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। अपने लाडले को आखिरी बार देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। परिजनों का विलाप देख वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया।
पिता को सौंपा तिरंगा, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास कांस्टेबल शंकरलाल टेपन का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम विदाई के दौरान उनके पिता कानाराम टेपन को तिरंगा सौंपा गया। जिस बेटे पर परिवार को गर्व था, उसे तिरंगे में लिपटा देखकर पिता और परिजनों का दर्द छलक उठा।
5 साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया, गर्भवती पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़
शंकरलाल अपने पीछे 5 साल के बेटे ऋषि और 7 महीने की गर्भवती पत्नी ललिता को छोड़ गए हैं। जिस परिवार में नए मेहमान के आने की खुशियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा है। मासूम बेटे ने पिता को खो दिया और पत्नी के सामने भविष्य की अनगिनत चुनौतियां खड़ी हो गईं। जवान की असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।