राजस्थान में किसान नेता नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। छबड़ा में डीएपी खाद के टोकन की मांग को लेकर दिए गए धरने के मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनके खिलाफ पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस कार्रवाई के बाद नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव में अधिकारियों से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि, ये आरोप नरेश मीणा ने लगाए हैं।
किरोड़ीलाल मीणा के दबाव में केस दर्ज कराने का आरोप
नरेश मीणा का आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के दबाव में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उन्होंने आशंका जताई कि पंचायत चुनाव से पहले सरकार उन्हें जेल भेजना चाहती है। मीणा ने कहा कि वे जनता और किसानों की आवाज उठाते रहेंगे और किसी भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।
बोले- अब तक 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके
नरेश मीणा ने कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना कोई नई बात नहीं है। उनके मुताबिक, अब तक सरकार उनके खिलाफ 40 से अधिक मुकदमे दर्ज करा चुकी है और उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे जनता के मुद्दों को लेकर आंदोलन करते हैं, तब उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने पिपलौदी में बच्चों की मौत के मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि जनता के लिए आवाज उठाने के कारण उन्हें 45 दिन तक जेल में रखा गया था।
खाद संकट को लेकर किया था आंदोलन
नरेश मीणा ने बताया कि किसानों को डीएपी खाद दिलाने के लिए उन्होंने आंदोलन किया था। उनका कहना है कि खाद के लिए गरीब किसानों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों तक को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा था, जबकि कुछ लोगों को आसानी से खाद मिल रहा था। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी निभाने की चेतावनी दी थी। इसी धरने के मामले में अब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
बोले- मुझे जेल भेज सकते हो, मेरी सोच को नहीं
मुकदमा दर्ज होने के बाद नरेश मीणा ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि उन्हें जेल में डाला जा सकता है, लेकिन उनकी सोच और विचार को कैद नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि हाड़ौती के घर-घर में उनके विचार से जुड़े लोग खड़े हो रहे हैं और जितनी बार उन्हें जेल भेजा जाएगा, उतनी ही मजबूती से किसान उनके समर्थन में आगे आएंगे।
पंचायत चुनाव को आंदोलन में बदलने का दावा
नरेश मीणा ने भरोसा जताया कि यदि उन्हें जेल भेजा जाता है, तब भी जनता उनका साथ नहीं छोड़ेगी। उन्होंने पंचायत राज चुनाव में अपने चुनाव चिह्न हाथी पर समर्थन मिलने का दावा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य 12 जिलों में जिला प्रमुख और प्रधानों के स्तर पर अपना बोर्ड बनाना है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और पंचायत चुनाव से पहले राजस्थान की सियासत में यह विवाद क्या मोड़ लेता है।