बांसवाड़ा में जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले शहर में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आईं, अब 21 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक के पांच महीने के पानी के बिल एक साथ थमा दिए गए हैं। अधिकांश उपभोक्ताओं के बिल 1,500 से 2,000 रुपए तक आए हैं, जबकि कुछ को 3,000 रुपए तक का भुगतान करना होगा। उपभोक्ता बिलों में राहत के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, अधीक्षण अभियंता ने मामले की जानकारी मिलने पर सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की बात कही है।
अगस्त-सितंबर 2025 के बाद अब सीधे पांच महीने का बिल
बांसवाड़ा शहर में जलदाय विभाग ने उपभोक्ताओं को आखिरी बार अगस्त-सितंबर 2025 में पानी के बिल दिए थे। इसके बाद नियमित बिलिंग नहीं हुई। अब नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक की खपत के बिल एक साथ जारी कर दिए गए हैं। इससे 21 हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर एकमुश्त भुगतान का बोझ पड़ गया है।
किसी के 2 हजार तो किसी के 3 हजार रुपए तक बिल**
पांच महीने का बिल एक साथ मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं। अधिकांश लोगों को 1,500 से 2,000 रुपए तक के बिल मिले हैं, जबकि कई उपभोक्ताओं के बिल 3,000 रुपए तक पहुंच गए हैं। त्योहारी सीजन में बढ़े खर्चों के बीच इतनी बड़ी राशि एक साथ चुकाना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है।
पहले दूषित पानी की शिकायतें, अब बिलिंग पर सवाल
बांसवाड़ा शहर में जनवरी से ही दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आने लगी थीं। राजस्थान पत्रिका ने ग्राउंड रिपोर्ट और तस्वीरों के जरिए घरों तक पहुंच रहे पानी की स्थिति उजागर की। बाद में जिला कलक्टर ने निरीक्षण कर पानी की जांच रिपोर्ट देखी और अधिकारियों को फटकार लगाई। अब पांच महीने के बिल एक साथ जारी होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हर महीने बिल देने का प्रावधान, शिकायत के लिए 181 नंबर
राजस्थान जल प्रदाय नियमों के अनुसार उपभोक्ताओं को हर महीने पानी का बिल देने का प्रावधान है। गलत बिल या एक साथ कई महीनों के बिल मिलने पर उपभोक्ता विभाग के सिटीजन कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 181 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रविमोहन मीणा ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने माना कि उपभोक्ताओं को एक साथ बिल देना उचित नहीं है और संबंधित सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।