राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव में सरपंच और वार्ड पंच के प्रत्याशी अपनी पसंद का चुनाव चिह्न नहीं चुन सकेंगे। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम प्रत्याशी सूची तैयार की जाएगी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्णमाला क्रम के आधार पर चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव EVM से, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। जिला प्रशासन के अनुसार, चुनावी व्यवस्थाओं के लिए 29 प्रकोष्ठ गठित किए गए हैं।
सरपंच प्रत्याशियों को ऐसे मिलेंगे चुनाव चिह्न
पंचायत चुनाव में सरपंच पद के प्रत्याशी अपनी पसंद का चुनाव चिह्न नहीं चुन सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और नाम वापस लेने की अंतिम प्रक्रिया के बाद प्रत्याशियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार वर्णमाला क्रम के आधार पर चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
सरपंच पद के मतपत्र पर प्रत्याशियों के नाम और उनके चुनाव चिह्न दोनों छपे होंगे। इससे मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवार की पहचान कर सकेंगे। प्रत्याशियों को अपनी पसंद का चुनाव चिह्न लेने के लिए विकल्प देने की सुविधा नहीं होगी।
जिला परिषद-पंचायत समिति के चुनाव EVM से, सरपंच के लिए बैलेट पेपर
इस बार मतदान की प्रक्रिया पद के अनुसार अलग-अलग होगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से कराए जाएंगे। मतदाता मशीन पर बटन दबाकर अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देंगे। मतदान पूरा होने के बाद EVM को सील किया जाएगा।
वहीं, सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर के जरिए होंगे। इसके लिए मतपत्र तैयार किए जा रहे हैं, जिन पर प्रत्याशियों के नाम और चुनाव चिह्न दर्ज रहेंगे। इस व्यवस्था के तहत मतदाता मतपत्र पर अपने पसंदीदा प्रत्याशी की पहचान कर मतदान कर सकेंगे।
चुनाव की तैयारियों के लिए 29 प्रकोष्ठ गठित
जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग के अनुसार, जिले में पंचायत चुनावों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव से जुड़ी अलग-अलग व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 29 प्रकोष्ठ गठित किए गए हैं। इन प्रकोष्ठों के माध्यम से चुनावी कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा।
कलेक्टर के मुताबिक, मतदान दलों की तैनाती निकाय चुनावों की तरह रोटेशन के आधार पर की जाएगी, ताकि कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार लगाई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि महिला अधिकारियों को फील्ड ड्यूटी में नहीं लगाया गया है।
अब पंचायत चुनावों के दौरान प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटन, मतदान व्यवस्था और मतदान दलों की तैनाती से जुड़ी प्रक्रियाओं के अनुसार तैयारी करनी होगी।